Friday, June 25, 2010

नयायधर्मी परकृति

यह तथ्य स्वं में एक सास्वत यतार्थ है की जो व्यक्ति छलपूर्वक अथवा बलपूर्वक सत्य एवं न्याय का हरण करने में सफल हो जाते हैं, ईश्वरीय परकृति स्वभावतय उनके परति परतिकुल क्रम में परिवर्तित होने लगती है.

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